संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक मासिक व्रत है, जो प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष — घटते हुए पखवाड़े — की चतुर्थी (चौथी तिथि) को रखा जाता है। यह निःशुल्क कैलेंडर आपके स्थान के लिए आगामी संकष्टी चतुर्थी दिखाता है, साथ ही वह समय भी बताता है जो चंद्रोदय के बाद व्रत खोलने (पारण) के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए किसी जन्म विवरण की आवश्यकता नहीं है — बस अपना शहर चुनें।
इसका नाम 'संकष्टी' शब्द से आया है, जिसका अर्थ है संकट या कठिन समय से मुक्ति। यह व्रत भगवान गणेश को विघ्नहर्ता — बाधाओं को दूर करने वाले — के रूप में अर्पित किया जाता है, और माना जाता है कि यह कष्टों से राहत और मनोकामनाओं की पूर्ति करता है। चूँकि यह हर चंद्र मास में एक बार आता है, इसलिए एक वर्ष में बारह या तेरह संकष्टी चतुर्थी होती हैं।
यह विनायक चतुर्थी से भिन्न है, जो शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) में मनाई जाती है। माघ मास में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भक्त सूर्योदय से व्रत रखते हैं और इसे केवल रात में, चंद्र दर्शन — यानी चंद्रमा को देखने — के बाद खोलते हैं, जिसके बाद मोदक और दूर्वा जैसी सामग्री अर्पित करके गणेश पूजा की जाती है। चूँकि चंद्रोदय का समय स्थान-स्थान पर बदलता रहता है, इसलिए व्रत खोलने का सटीक समय हर शहर के अनुसार अलग होता है, यही कारण है कि यह कैलेंडर आपके चुने हुए स्थान से जुड़ा होता है।
अपना शहर चुनने पर आपको सही संकष्टी चतुर्थी की तिथि और स्थानीय समय मिलता है, ताकि आप व्रत, पूजा और पारण (व्रत खोलने) की सटीक योजना बना सकें।
दोनों ही चतुर्थी तिथि से जुड़े मासिक गणेश व्रत हैं। संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष (घटते पखवाड़े) में आती है और इसका व्रत रात में चंद्रोदय के बाद खोला जाता है, जबकि विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष (बढ़ते पखवाड़े) में आती है और इसका केंद्र मध्याह्न (दोपहर) की पूजा होती है।
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है। इसे गणेश पूजा के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है, और इसका व्रत रखने से कई महीनों के व्रत के बराबर पुण्य मिलने की मान्यता है।
नहीं। संकष्टी चतुर्थी एक पंचांग-आधारित व्रत है, न कि जन्म कुंडली की गणना। बस अपना शहर चुनें ताकि व्रत की तिथि और चंद्र दर्शन का समय आपके स्थान के अनुसार सही रहे।
For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.