पितृ दोष एक पैतृक अथवा कार्मिक दोष है, जो तब बनता है जब सूर्य, राहु या केतु नवम भाव अथवा उसके स्वामी को पीड़ित करते हैं। यह टूल आपकी कुंडली में इन शास्त्रीय स्थितियों की जाँच करता है और दोष की तीव्रता का आकलन करता है।
शास्त्रों में इसे सूर्य (पिता एवं पूर्वजों के कारक), भाग्य तथा पितरों के नवम भाव, और राहु-केतु (छाया ग्रहों) पर पड़ने वाली पीड़ा से पढ़ा जाता है। कुछ विशेष योग अनसुलझे पैतृक कर्मों की ओर संकेत करते हैं।
प्रमुख उपायों में पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध एवं तर्पण करना, पितरों को अर्पण करना, तथा विशेष दान-पुण्य करना शामिल हैं। सही तिथि जानने के लिए श्राद्ध टूल देखें।
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For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.