मंगल दोष — यानी 'मांगलिक' होना — तब बनता है जब मंगल आपके लग्न, चंद्रमा या शुक्र से पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो। यह टूल आपकी कुंडली की जाँच करता है, दोष की तीव्रता आँकता है, और उन शास्त्रीय भंग (रद्द करने वाले) नियमों की सूची देता है जो इसे निष्प्रभावी कर सकते हैं।
यदि आपके लग्न, चंद्रमा या शुक्र से गिनने पर मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो, तो आप मांगलिक हैं। यह कैलकुलेटर इन सभी की जाँच करके परिणाम दिखाता है।
हाँ। कई शास्त्रीय नियम मांगलिक दोष को भंग या कम कर देते हैं — जैसे मंगल का अपनी राशि या उच्च राशि में होना, दोनों साथियों का मांगलिक होना, या कुछ विशिष्ट दृष्टियाँ। यह टूल उन नियमों की सूची देता है जो आपकी कुंडली पर लागू होते हैं।
परंपरागत रूप से विवाह से पहले मांगलिक दोष की जाँच की जाती है, क्योंकि माना जाता है कि यह वैवाहिक सामंजस्य को प्रभावित करता है। दोनों कुंडलियों का मिलान करके और भंग नियमों को लागू करके अधिक स्पष्ट तस्वीर मिलती है।
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For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.