एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के दिन को 24 होरा (ग्रह-घंटों) में बाँटा जाता है, और प्रत्येक होरा पर सात ग्रहों में से किसी एक का स्वामित्व होता है। अपनी तिथि और शहर दर्ज करें और आज की पूरी होरा समय-सारणी तथा इस समय चल रही होरा के स्वामी ग्रह को देखें।
वैदिक ज्योतिष (होरा शास्त्र) में प्रत्येक दिन को होरा कहलाने वाले 24 ग्रह-घंटों में विभाजित किया जाता है, जो एक निश्चित क्रम में चलते हैं — सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल — और यह क्रम दिन-रात दोहराता रहता है। सूर्योदय के बाद की पहली होरा उस वार के स्वामी की होती है (रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, इत्यादि), और प्रत्येक होरा अपने स्वामी ग्रह का स्वभाव धारण करती है।
जो कार्य आप करना चाहते हैं, उसे होरा के स्वामी ग्रह से मिलाएँ:
प्रत्येक होरा लगभग एक घंटे की होती है, क्योंकि एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय को 24 भागों में बाँटा जाता है। चूँकि सूर्योदय आपके स्थान और ऋतु के अनुसार बदलता रहता है, इसलिए प्रत्येक होरा के आरंभ और अंत का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
पूजा-पाठ, विद्या और धन-वित्त संबंधी कार्यों के लिए गुरु (बृहस्पति) होरा को सामान्यतः सर्वाधिक शुभ माना जाता है, जबकि शुक्र होरा विवाह और कलाओं के लिए उपयुक्त रहती है। नए आरंभ के लिए शनि होरा को प्रायः टाला जाता है।
सूर्योदय के बाद की पहली होरा सदैव उस वार के स्वामी की होती है — रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, इत्यादि। इसके बाद शेष दिन और रात के लिए सातों ग्रह अपने निश्चित चक्रीय क्रम में आते रहते हैं।
For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.