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संपत्ति खरीदने का मुहूर्त

संपत्ति मुहूर्त एक ऐसा चयनित शुभ समय है जिसमें ज़मीन या घर खरीदना अथवा संपत्ति का पंजीकरण किसी अनुकूल तिथि, नक्षत्र और वार में आरंभ किया जाता है। ऐसी स्थायी संपत्तियों के लिए परंपरागत रूप से स्थिर नक्षत्रों और राहु काल से रहित दिन के भागों को प्राथमिकता दी जाती है।

कोई परिणाम नहीं मिला।
Raman ranks the fortification of the Lagna above all five angas. Computing it needs an ascendant per window, so the range is limited to 31 days.

अच्छा संपत्ति मुहूर्त किससे बनता है?

अचल संपत्ति की खरीद स्थायी कार्य है, इसलिए शास्त्र चुने हुए दिन में स्थिर और सुदृढ़ पंचांग-अंगों को वरीयता देते हैं। यह उपकरण आपकी सीमा की हर तिथि को आपके शहर के लिए जाँचता है और उन दिनों को उभारता है जिनमें ये स्थितियाँ मिलती हों तथा दिन में एक स्वच्छ समय-खंड उपलब्ध हो।

हर अंग अकेले तिथि तय नहीं करता, केवल अंक को घटाता-बढ़ाता है, और परिणाम का हर दिन उन कारणों की सूची देता है जो उस पर लगे। संपत्ति में यह अन्य कार्यों से अधिक महत्व रखता है, क्योंकि रजिस्ट्री का समय सप्ताहों पहले लेना पड़ता है और आपको जानना चाहिए कि कोई तिथि जिस स्थान पर आई, क्यों आई।

  • नक्षत्र: संपत्ति हेतु इस खोजक की नौ शुभ नक्षत्रों की सूची है - रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपदा, चित्रा, स्वाति, अनुराधा और धनिष्ठा। इनमें चार - रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा और उत्तरा भाद्रपदा - ध्रुव (स्थिर) गण बनाते हैं, जिसे मुहूर्त की नक्षत्र-गण व्यवस्था स्थायी और नींव-सम्बन्धी कार्यों के लिए नियत करती है, जैसे भूमि क्रय; खोजक नौ को समान अंक देता है और गण का कोई अपना नियम नहीं लगाता।
  • तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी वरीय; रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या के अंक घटते हैं।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शुभ अंक पाते हैं; मंगल, शनि और रविवार के अंक कम रहते हैं।
  • दिन का भाग: राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल पूर्णतः रोक दिए जाते हैं, अतः शेष रहते हैं अमृत, शुभ, लाभ या चर चौघड़िया, अथवा अभिजीत मुहूर्त।

खरीद की तिथि और गृह प्रवेश

संपत्ति खरीदने या रजिस्ट्री कराने का मुहूर्त गृह प्रवेश के मुहूर्त से अलग चुना जाता है - दोनों के प्रयोजन भिन्न हैं और प्रायः अलग-अलग दिन पड़ते हैं।

यह कैलकुलेटर आपके शहर और तिथि-सीमा के पंचांग से काम करता है, अतः यह सामान्य रूप से शुभ दिन और समय बताता है। यदि आप जन्म नक्षत्र देते हैं तो यह उस व्यक्ति के लिए तारा बल और चंद्र बल भी तौल लेता है, जिससे सामान्य तिथि व्यक्तिगत बन जाती है; हस्ताक्षर के क्षण पर लग्न को बलवान करने वाली पूर्ण मुहूर्त-कुंडली ज्योतिषी का काम है।

रजिस्ट्री का दिन और उसके भीतर का समय

रजिस्ट्री के लिए तिथि जितना ही महत्व समय-खंड का है, क्योंकि रजिस्ट्रार का समय घड़ी से तय होता है और दिन के दूषित काल घड़ी से नहीं चलते। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल में से प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग है और आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त के साथ खिसकता है, इसलिए वही घंटा एक दिन स्वच्छ और अगले दिन अवरुद्ध हो सकता है। खोजक इन्हें हटा देता है और सुझाए गए हर समय-खंड का आरंभ व अंत दिखाता है।

एक चेतावनी इस पृष्ठ पर विशेष रूप से आवश्यक है: यह खोजक एक-एक दिन को अंक देता है और उसके पास मास-स्तरीय नियम नहीं है। चातुर्मास, सूर्य के धनु व मीन गोचर वाले दोनों खरमास, तथा कोई भी अधिक मास कभी लागू नहीं होते, अतः उनके दिन भी परिणाम में आ सकते हैं। यदि ये काल आपके लिए महत्वपूर्ण हैं तो अपॉइंटमेंट लेने से पूर्व उन्हें अलग से देख लें।

How to find a property purchase Muhurat

  1. Set your city: Choose your city so the tithi, nakshatra and day timings are computed for your exact location.
  2. Choose a date range: Enter the window within which you plan to buy the land or house or register the property.
  3. Pick an auspicious date: Review the favourable dates and their clean time windows, then plan your purchase or registration accordingly.
  4. Match the window to the appointment: Book the registry or handover slot inside the recommended window, since it is already clear of Rahu Kaal, Yamaganda and Gulika Kaal.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संपत्ति खरीदने के लिए कौन सा नक्षत्र श्रेष्ठ है?

रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा और उत्तरा भाद्रपदा ध्रुव (स्थिर) गण बनाते हैं, जिसे मुहूर्त की नक्षत्र-गण व्यवस्था स्थायी एवं नींव-सम्बन्धी कार्यों के लिए नियत करती है - भूमि क्रय उन्हीं में है - और चारों इस खोजक की संपत्ति-सूची में हैं। पूरी सूची नौ की है: ये चार तथा मृगशिरा, चित्रा, स्वाति, अनुराधा और धनिष्ठा। खोजक नौ को समान अंक देता है, गण का कोई अपना नियम नहीं लगाता।

क्या घर खरीदने के लिए पुष्य नक्षत्र शुभ है?

परंपरा पुष्य को, विशेषकर गुरुवार के गुरु पुष्य और रविवार के रवि पुष्य को, संपत्ति, वाहन और स्वर्ण की खरीद हेतु सर्वाधिक शुभ मानती है, इस प्रसिद्ध अपवाद के साथ कि विवाह में पुष्य वर्जित है। ध्यान दें कि पुष्य इस खोजक की नौ नक्षत्रों वाली संपत्ति-सूची में नहीं है, अतः इस पृष्ठ पर पुष्य वाले दिन को नक्षत्र के अंक नहीं मिलेंगे - वाहन और व्यापार पृष्ठों पर मिलते हैं, क्योंकि वहाँ की सूची में पुष्य है।

क्या गृह प्रवेश के लिए अलग मुहूर्त चाहिए?

हाँ। संपत्ति खरीदने या रजिस्ट्री कराने की तिथि गृह प्रवेश के मुहूर्त से अलग चुनी जाती है। दोनों की गणना भिन्न प्रयोजनों के लिए होती है, दोनों की नक्षत्र-सूची अलग है, और प्रायः दोनों अलग दिन पड़ते हैं।

क्या रजिस्ट्री के दिन खोजक राहु काल से बचाता है?

हाँ, और वह दिन के स्तर पर नहीं, समय-खंड के स्तर पर करता है। राहु काल, यमगण्ड या गुलिक काल से टकराने वाला कोई भी समय-खंड 40 अंक पर सीमित कर, त्याज्य अंकित कर हटा दिया जाता है, अतः सुझाया गया हर समय-खंड तीनों से मुक्त है। हर सुझाए गए समय-खंड का आरंभ और अंत आपके शहर के स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

क्या इसमें चातुर्मास, खरमास या अधिक मास लागू होते हैं?

नहीं। खोजक एक बार में एक ही दिन को अंक देता है और उसके पास मास-स्तरीय नियम नहीं है, अतः चातुर्मास, दोनों खरमास (सूर्य का धनु और मीन गोचर) तथा अधिक मास कभी लागू नहीं होते और उनके दिन भी परिणाम में आ सकते हैं। चालू चंद्र मास स्वयं देखें - पंचांग पृष्ठ का पंचांग पटल उसका नाम और अधिक होने की स्थिति बताता है।

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