Skip to main content
  • एस्ट्रो ज्योतिषवैदिक ज्योतिष
  • नई कुंडली
  • आज
  • सभी उपकरण
  • कुंडली
  • वर्ग कुंडली
  • के.पी. पद्धति
  • वर्षफल
  • तुलना
  • दशाएँ
  • बल
  • योग
  • जैमिनी
  • दोष
  • राशिफल
  • गोचर
  • घटना पूर्वानुमान
  • पंचांग
  • मुहूर्त
  • पर्व एवं कैलेंडर
  • चंद्र कला
    नया
  • कुंडली मिलान
  • अंक ज्योतिष
  • उपाय
    • मंत्र एवं जप
      नया
    • रत्न
      नया
    • रुद्राक्ष
    • लाल किताब
      नया
  • नाड़ी
  • शिशु नाम
रत्न
  1. एस्ट्रो ज्योतिष
  2. रत्न
एस्ट्रो ज्योतिष

सभी गणनाएं स्विस एफेमेरिस और लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश का उपयोग करके स्थानीय रूप से की जाती हैं। कोई भुगतान API आवश्यक नहीं।

चार्ट और विश्लेषण

  • कुंडली
  • वर्ग कुंडली
  • दशाएँ
  • बल
  • कुंडली मिलान

पंचांग

  • पंचांग
  • मुहूर्त
  • त्योहार
  • राशिफल

कंपनी

  • सभी उपकरण
  • रिपोर्ट
  • लर्निंग सेंटर
  • गोपनीयता नीति
  • सेवा की शर्तें

© 2026 एस्ट्रो ज्योतिष. सर्वाधिकार सुरक्षित।

स्विस एफेमेरिस द्वारा संचालित
आजकुंडलीउपकरणमंत्रप्रोफ़ाइल

रत्न अनुशंसा कैलकुलेटर

यह टूल आपकी जन्म कुंडली का विश्लेषण करके उस वैदिक रत्न की अनुशंसा करता है जो आपके जीवन को आकार देने वाले कमज़ोर या कार्यात्मक शुभ ग्रहों को बल प्रदान करता है। प्रत्येक रत्न के लिए यह बताता है कि वह किस ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, उसे किस धातु में जड़वाना है, किस उंगली में धारण करना है, उसका वज़न कितना होना चाहिए, उसे पहली बार किस दिन पहनना है, और उसे सक्रिय करने वाला मंत्र कौन-सा है। ये अनुशंसाएँ आपकी कुंडली के स्वामी ग्रहों — लग्नेश और शुभ ग्रहों — पर आधारित होती हैं, न कि आपके जन्म मास पर।

Birth Details
Gemstones for your chart

आपकी कुंडली से रत्न का चयन कैसे होता है

वैदिक ज्योतिष में रत्न किसी विशेष ग्रह को बल देने के लिए निर्धारित किया जाता है, न कि आपके जन्म मास के आधार पर चुना जाता है। सबसे अधिक अनुशंसित दो रत्न होते हैं — जीवन रत्न, जो आपके लग्न (लग्नेश) के स्वामी का रत्न है और समग्र जीवनी-शक्ति को सहारा देता है, तथा किसी त्रिकोण स्वामी (पंचम या नवम भाव के स्वामी) का भाग्य या शुभ रत्न, जो भाग्य को सहारा देता है।

रत्न उन ग्रहों के लिए अनुशंसित किए जाते हैं जो आपकी कुंडली में कार्यात्मक शुभ हों परन्तु कमज़ोर या पीड़ित हों, ताकि रत्न ऐसे ग्रह को बल दे जो पहले से ही आपकी सहायता करना चाहता है। कार्यात्मक अशुभ ग्रहों — जो आपके लग्न के लिए कठिन भावों के स्वामी होते हैं — के रत्न सामान्यतः वर्जित रहते हैं, क्योंकि उन्हें बल देने से हानि और बढ़ सकती है। यही कारण है कि एक ही ग्रह किसी लग्न के लिए शुभ हो सकता है और किसी अन्य लग्न के लिए उससे दूर रहना ही उत्तम होता है।

नौ ग्रहों के रत्न

  • सूर्य — माणिक (Ruby), स्वर्ण, अनामिका उंगली, रविवार को धारण करें।
  • चंद्र — मोती (Pearl), चाँदी, कनिष्ठा उंगली, सोमवार को धारण करें।
  • मंगल — मूँगा (Red Coral), स्वर्ण या ताँबा, अनामिका उंगली, मंगलवार को धारण करें।
  • बुध — पन्ना (Emerald), स्वर्ण, कनिष्ठा उंगली, बुधवार को धारण करें।
  • गुरु — पुखराज (Yellow Sapphire), स्वर्ण, तर्जनी उंगली, गुरुवार को धारण करें।
  • शुक्र — हीरा (Diamond), चाँदी या प्लैटिनम, मध्यमा उंगली, शुक्रवार को धारण करें।
  • शनि — नीलम (Blue Sapphire), लोहा या चाँदी, मध्यमा उंगली, शनिवार को धारण करें।
  • राहु — गोमेद (Hessonite), चाँदी, मध्यमा उंगली।
  • केतु — लहसुनिया (Cat's Eye), चाँदी, अनामिका उंगली।

How to find your gemstone

  1. Enter birth details: Provide an accurate date, time and place of birth so the ascendant and planetary strengths are computed correctly.
  2. See the recommended stones: The tool names the gemstone (and any alternate) for the planets worth strengthening in your chart.
  3. Note the wearing details: For each stone, read the metal, finger, weight range, wearing day and activating mantra before you wear it.

Frequently asked questions

मुझे कौन-सा रत्न धारण करना चाहिए?

यह आपकी जन्म कुंडली पर निर्भर करता है, न कि आपके जन्म मास पर। रत्न का चयन आपके लग्नेश और कुंडली के कार्यात्मक शुभ ग्रहों को बल देने के लिए किया जाता है — सामान्यतः लग्नेश का जीवन रत्न और किसी त्रिकोण स्वामी का भाग्य रत्न। यह कैलकुलेटर उन ग्रहों की पहचान करता है और उनसे मेल खाने वाले रत्न, उंगली और दिन बताता है।

रत्न को सही तरीके से कैसे धारण करें?

रत्न को निर्धारित वज़न सीमा और धातु में, निश्चित उंगली में धारण करें, तथा उसे पहली बार शुक्ल पक्ष में संबंधित ग्रह के दिन और होरा में पहनें। परंपरागत रूप से अंगूठी को कच्चे दूध और गंगाजल में धोया जाता है और धारण करने से पूर्व उस ग्रह के मंत्र का जाप किया जाता है।

क्या नीलम धारण करना सुरक्षित है?

शनि का रत्न नीलम सबसे शीघ्र प्रभाव दिखाने वाला रत्न है, इसलिए इसे स्थायी रूप से धारण करने से पहले कुछ दिनों के लिए परीक्षण-रूप में पहनने की परंपरा है। इसकी अनुशंसा केवल तभी की जाती है जब शनि आपके लग्न के लिए कार्यात्मक शुभ ग्रह हो; अन्यथा एमेथिस्ट (कटैला) जैसे कोमल विकल्प को प्राथमिकता दी जाती है।

Related calculators

Rudraksha (Mukhi Bead) Recommendation Calculator
Lal Kitab Remedies (Totke) Calculator
Remedies
All Doshas

Gemstone & Remedies Report

50% off

Personalized gemstone, rudraksha, mantra and Lal Kitab remedies tuned to your chart's weak points.

For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.