योगिनी दशा आठ योगिनियों (मंगला, पिंगला, धान्या, भ्रामरी, भद्रिका, उल्का, सिद्धा और संकटा) पर आधारित 36 वर्षों की एक चक्रीय दशा प्रणाली है। विंशोत्तरी दशा के साथ-साथ घटनाओं के त्वरित एवं सटीक समय-निर्धारण के लिए यह एक प्रिय पद्धति मानी जाती है।
यह आठ योगिनियों से बनी 36 वर्षों की एक दशा है, जिनमें से प्रत्येक योगिनी किसी एक ग्रह की स्वामी होती है, और इसकी गणना जन्म नक्षत्र से आरंभ की जाती है। इसका छोटा चक्र इसे निकट भविष्य की घटनाओं का समय ज्ञात करने में उपयोगी बनाता है।
For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.