आपका भाग्यांक — यानी भाग्य या नियति की संख्या — आपकी जन्मतिथि के सभी अंकों के योग को एक अंक में समेटकर प्राप्त होता है। यह आपके जीवन की समग्र दिशा और उद्देश्य की ओर संकेत करता है।
अपने जन्म के दिन, महीने और वर्ष के सभी अंकों को आपस में जोड़ें, फिर प्राप्त कुल योग को एक अंक में समेट लें। वही अंक आपका भाग्यांक है।
दोनों ही महत्वपूर्ण हैं: मूलांक आपके स्वभाव को आकार देता है और भाग्यांक आपकी नियति को। जब इन दोनों में आपस में तालमेल होता है, तो जीवन प्रायः अधिक सहजता से आगे बढ़ता है।
Pythagorean, Chaldean and Vedic numbers with the Lo Shu grid and personalized guidance.
For educational purposes. Astrological interpretations are traditional and not a substitute for professional advice.