Swati · 27 में से नक्षत्र #15 · राहु द्वारा शासित
स्वतंत्र, मुक्त आत्मा। हवा की तरह — अवसर जहां ले जाएं।
व्यापार, प्रौद्योगिकी, ट्रैवल एजेंसी, आयात-निर्यात।
जोड़, आंतें। वायु संबंधी रोग।
रिश्तों में स्वतंत्रता को महत्व। प्रतिबद्धता में देरी।
स्वाति नक्षत्र के चार पद हैं जिनके प्रारंभिक अक्षर रू, रे, रो, ता हैं — वैदिक नामकरण पद्धति में इस नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम का शुभ प्रथम अक्षर चुनने के लिए इनका उपयोग होता है।
पद 1 धनु नवांश में — अग्नि तत्व, धर्म (उद्देश्य)। यह आशावाद, दर्शन और स्वतंत्रता-प्रेम जोड़ता है, स्वाति की अभिव्यक्ति को धर्म (उद्देश्य) की ओर झुकाता है।
पद 2 मकर नवांश में — पृथ्वी तत्व, अर्थ (समृद्धि)। यह महत्वाकांक्षा, संरचना और स्थायी अनुशासन जोड़ता है, स्वाति की अभिव्यक्ति को अर्थ (समृद्धि) की ओर झुकाता है।
पद 3 कुम्भ नवांश में — वायु तत्व, काम (इच्छा)। यह मौलिकता, मानवतावादी आदर्श और स्वतंत्रता जोड़ता है, स्वाति की अभिव्यक्ति को काम (इच्छा) की ओर झुकाता है।
पद 4 मीन नवांश में — जल तत्व, मोक्ष (मुक्ति)। यह कल्पनाशीलता, करुणा और आध्यात्मिक संवेदनशीलता जोड़ता है, स्वाति की अभिव्यक्ति को मोक्ष (मुक्ति) की ओर झुकाता है।
For educational purposes. Nakshatra interpretations are traditional and based on the Moon's birth star.