Pushya · 27 में से नक्षत्र #8 · शनि द्वारा शासित
पोषणकारी, सुरक्षात्मक, भक्तिपूर्ण। स्थिरता के लिए सबसे मजबूत नक्षत्र।
स्वास्थ्य सेवा, शिक्षण, परामर्श, सामाजिक कार्य, आतिथ्य।
मजबूत प्रतिरक्षा। पेट और छाती क्षेत्र संवेदनशील।
सबसे पोषणकारी और सहायक साथी।
पुष्य नक्षत्र के चार पद हैं जिनके प्रारंभिक अक्षर हू, हे, हो, डा हैं — वैदिक नामकरण पद्धति में इस नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम का शुभ प्रथम अक्षर चुनने के लिए इनका उपयोग होता है।
पद 1 सिंह नवांश में — अग्नि तत्व, धर्म (उद्देश्य)। यह आत्मविश्वास, नेतृत्व और मान्यता की चाह जोड़ता है, पुष्य की अभिव्यक्ति को धर्म (उद्देश्य) की ओर झुकाता है।
पद 2 कन्या नवांश में — पृथ्वी तत्व, अर्थ (समृद्धि)। यह विश्लेषण, अनुशासन और सूक्ष्मता जोड़ता है, पुष्य की अभिव्यक्ति को अर्थ (समृद्धि) की ओर झुकाता है।
पद 3 तुला नवांश में — वायु तत्व, काम (इच्छा)। यह कूटनीति, संतुलन और सौंदर्यबोध जोड़ता है, पुष्य की अभिव्यक्ति को काम (इच्छा) की ओर झुकाता है।
पद 4 वृश्चिक नवांश में — जल तत्व, मोक्ष (मुक्ति)। यह तीव्रता, गहराई और परिवर्तनकारी शक्ति जोड़ता है, पुष्य की अभिव्यक्ति को मोक्ष (मुक्ति) की ओर झुकाता है।
For educational purposes. Nakshatra interpretations are traditional and based on the Moon's birth star.